मलिवे मसिस्का  की कविताएं (मालावी)

अनुवाद- राजेश कुमार झा कवि परिचय-मलिवे मसिस्का  का जन्म मालावी में हुआ। वर्तमान में वे लंदन के बर्कबेक विश्वविद्यालय में अंग्रेजी के प्राध्यापक हैं। उन्होंने कविताओं के अलावा अफ्रीकी लेखक वुल सोईंका तथा चिनुआ अचेबे पर भी किताबें लिखी हैं। केले का पत्ता जाड़ों के बीतने के बाद, लिखूंगा तुम्हारे लिए एक प्रेम गीत- सरल …

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तिब्बती कविताएं (तेंजिंग सनड्यू)

Tenzin Tsundue is a young Tibetan poet and activist. He has gone to jail for raising the issue of Tibet in India on many occasions. Two of his poems are translated here in Hindi.

मैथ्यू शेनोडा की कविताएं (मिस्र)

मिस्र के कवि मैथ्यू शेनोडा की कविताओं का अनुवाद। शेनोडा का जन्म कॉप्टिक ईसाई समुदाय में हुआ। कोलंबिया विश्वविद्यालय में प्रोफेसर।

Reimagining Ministry of Information & Broadcasting

The article is written in response to the piece by former Minister of Information & Broadcasting Mr. Manish Tewari which was published on wire.in. He argued that the Ministry of I&B should be wound up as it has no justification to exist now. I have argued that there is a need to rethink the functions of the Ministry. It remains an important institution for the emerging regulatory challenges thrown by the new media like Facebook, Google etc. Beyond the publicity work, which has been overemphasised in the case of the I&B Ministry, other works including regulatory, need to be strengthened if it has to retain its justification for existence

फदील अल अज्जावी की कविताएं (ईराक)

Faddil Al Azzawi (b. 1940) is an Iraqi poet, novelist and literary critic. His works combine elements of prose and poetry together. He is a widely respected poet and literary figure who was jailed in 1963 by the Iraqi government. He now lives in Germany after going in exile. He believes that poetry separates falsehood from truth and the work of the poet is to break the mould. Some of his poems are translated here in Hindi.

शर्को बेकस की कविताएं ( कुर्दिस्तान)

शर्को बेकस-जन्म 1940, मृत्यु-2013. ईराक के कुर्द बहुल सुलेमानिया प्रांत में जन्मे शर्कों बेकस कुर्दिस्तान की आजादी के लिए आंदोलन में शामिल रहे हैं। उन्होंने कई सालों तक स्वीडेन में निर्वासित जीवन व्यतीत किया है। बेकस ने कुर्दी भाषा में कविता की नयी शैली की शुरूआत की। कवि के रूप में शर्कों बेकस की तुलना पाब्लो नेरूदा और नाजिम हिकमत से की जाती है। उनकी कुछ कविताओं का हिंदी अनुवाद।

लैटिन अमरीकी कविताएं (अर्जेंटीना, कोलंबिया, बोलीविया)

लैटिन अमरीका के तीन देशों-अर्जेटीना, बोलीविया और कोलंबिया के तीन महत्वपूर्ण कवियों का अनुवाद।